राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS)
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ RSS की स्थापना 1925 में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने की, जो राष्ट्र सेवा, अनुशासन और एकता का प्रतीक संगठन है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की स्थापना 27 सितंबर 1925 को डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने नागपुर, महाराष्ट्र में की थी।इस संगठन के सदस्य को स्वयंसेवक (Swayamsevak) कहा जाता है।ये स्वयंसेवक रोज़ाना एक जगह इकट्ठा होते हैं, जिसे शाखा (Shakha) कहा जाता है। शाखा में स्वयंसेवक ध्वज (भगवा झंडा) लगाते हैं और उसके सामने प्रणाम करते हैं।यहाँ व्यायाम, शारीरिक प्रशिक्षण, योग, और खेल-कूद जैसी गतिविधियाँ होती हैं।शाखा में देशभक्ति, अनुशासन और समाज सेवा से जुड़े विषयों पर चर्चा भी की जाती है। डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार का जीवन परिचय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शुरुआत 27 सितंबर 1925 को डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने की थी।उनका जन्म 1 अप्रैल 1889 को नागपुर (महाराष्ट्र) में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था।बचपन से ही उन्हें देशभक्ति में गहरी रुचि थी। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा नागपुर में प्राप्त की और आगे की पढ़ाई के लिए कोलकाता मेडिकल कॉलेज गए,जहाँ से उन्होंने डॉक्टरी की डिग्री हासिल की।कोलकाता में रहते हुए वे क्रांतिकारी विचारधारा से प्रभावित हुए और उन्होंनेस्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लिया। वे लोकमान्य तिलक और महात्मा गांधी के विचारों से प्रेरित थे।बाद में उन्होंने 1925 में नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की। 21 जून 1940 को डॉ. हेडगेवार का निधन नागपुर में हुआ। शाखा क्या है? शाखा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की मुख्य इकाई होती है।यह वह स्थान है जहाँ संघ के स्वयंसेवक रोज़ाना एकत्र होकरशारीरिक, मानसिक और देशभक्ति से जुड़ी गतिविधियाँ करते हैं। आज देशभर में हज़ारों शाखाएँ संचालित होती हैं,जिनके अपने नाम और स्थान होते हैं। शाखा में भगवा ध्वज लगाया जाता है, उसकी पूजा की जाती है,और गुरु दक्षिणा जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। शाखा में छोटे बच्चों से लेकर बड़े-बुजुर्ग तक सभी भाग लेते हैं। शाखा के प्रमुख व्यायाम, योग और खेल शाखा में अनेक प्रकार के व्यायाम, योग और खेल कराए जाते हैं, जैसे — इन व्यायामों से शरीर, मन और आत्मा — तीनों का विकास होता है। संघ से जुड़ी प्रमुख पार्टियाँ और संस्थाएँ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से कई संगठन और संस्थाएँ जुड़ी हुई हैं, जिन्हें “संघ परिवार” कहा जाता है।मुख्य संगठन इस प्रकार हैं 👇 इनके अलावा भी कई नए संगठन समय-समय पर संघ परिवार से जुड़े हैं। निष्कर्ष राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) भारत का एक ऐसा संगठन है जिसने देश में एकता, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत किया है।डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार द्वारा स्थापित यह संस्था आज करोड़ों स्वयंसेवकों के माध्यम से समाज सेवा, शिक्षा, और सांस्कृतिक जागरण का कार्य कर रही है।शाखाओं के माध्यम से RSS ने न केवल युवाओं में आत्मबल और चरित्र निर्माण की भावना जगाई, बल्कि राष्ट्र के प्रति समर्पण का एक जीवंत उदाहरण भी प्रस्तुत किया।वास्तव में, RSS आज भी राष्ट्र निर्माण और समाज सुधार के लिए निरंतर कार्यरत है। BY todaysbreakingnews.online FAQs